रविवार, 20 दिसंबर 2009

श्रेष्ठ

महात्मा गांधी दांडी यात्रा के दौरान एक स्थान पर कुछ देर के लिए रूके। जब वह जाने को हुए तो एक अंग्रेज उनसे मिलने आया वह गांधी जी का प्रशंसक भी था उसने गांधी जी को संबोधित करते हुए कहा, ''हैलो, मेरा नाम वाकर है।'' महात्मा गांधी उस समय जल्दी में थे, इसलिए उन्होंने विनम्रता से कहा, ''मैं भी वाकर हूं और अपनी राह को चल दिए |'' रास्ते में एक व्यक्ति ने उनसे पूछा, '' यदि आप उनसे थोड़ी देर बात कर लेते तो आप का नाम अंग्रेजों के अखबार में छपता और आप को काफी सम्मान मिलता '' उन्होंने उत्तर दिया,'' मैं समय को सम्मान से श्रेष्ठ मानता हूं |