मंगलवार, 11 जनवरी 2011

लाल बहादुर शास्त्री

लाल बहादुर शास्त्री जी की पुण्यतिथि पर उन्हें नमन  
उस समय लाल बहादुर शास्त्री गृह मंत्री थे । एक बार उन्होंने इलाहाबाद स्थित अपना निवास स्थान इसलिए खाली कर दिया क्योंकि मकान मालिक को उसकी आवश्यकता थी । उन्होंने किराए पर दूसरा मकान लेने के लिए आवेदन पत्र भरा ।
काफी समय हो गया लेकिन लाल बहादुर शास्त्री को मकान नहीं मिल सका | लाल बहादुर शास्त्री के मित्र ने अधिकारियों से पूछताछ की । अधिकारियों ने बताया, शास्त्री जी का कड़ा आदेश है कि जिस क्रम में उनका आवेदन पत्र दर्ज है । उसी क्रम के अनुसार मकान दिए जाएं । कोई पक्षपात न किया जाए। सच यह था कि 176 आवेदकों के नाम पहले दर्ज थे ।

9 टिप्‍पणियां:

anshumala ने कहा…

आज भी यही होता है जब नंबर आयेगा तब आवेदन पर विचार किया जायेगा | विश्वास नहीं होता आप को , आज के नेता कहते है अफजल का आवेदन आज भी नंबर में लगा है |

deepak saini ने कहा…

भारत माता के लाल को नमन।

aarkay ने कहा…

भारत माता सच्चे सपूत को शत शत नमन. आज कल के परिदृश्य में उन जैसे नेताओं की कमी बहुत खलती है.

मो सम कौन ? ने कहा…

कथनी और करनी में एकरूपता शास्त्री जी का बहुत बड़ा गुण था। यही वजह थी कि जनता भी उनका सम्मान करती थी। आज किसी नेता के मुंह से एक समय का उपवास रखने की अपील का कितना असर हो सकता है? जबकि इन्हीं शास्त्री जी की विदेशी राष्ट्रों पर निर्भरता कम करने के लिये एक वक्त का उपवास रखने का बहुत से परिवारों ने पालन किया था।
लेकिन कालक्रम में शास्त्री जी के देश के विकास में महती योगदान को कतिपय कारणों ने ढंक लिया, खैर वो विषय अलग है।
आभार स्वीकार करें, दिनेश जी, उस महामानव को याद करने करवाने के लिये।

Dr Varsha Singh ने कहा…

लाल बहादुर शास्त्री जी पर बढ़िया प्रस्तुति .
हार्दिक बधाई.

narendra agarwal ने कहा…

shastri jee se ek bar unki muhu bole bahin ne kaha ab jub tum P M ban gaye ho ameer bhee ho gaye honge. shastri jee ne apne bistar ki chadar hatai. uske neeche phata kambal bhichha tha. vah shastri jee.
Narendra kumar Agarwal
Manager Nanhi Dunia J H School Raisi District Haridwar.

अनूषा ने कहा…

काश... हम में से भी कुछ ऐसे महानुभावों का अनुसरण कर सकें. इस प्रेरणात्मक प्रस्तुति के लिए सादर आभार.

hemant indian ने कहा…

aaj jo halat hai uske jimeedar hum hai hame aadat pad chuki hai gand mai rehne ke rod pe tamasha ho rha ho to use dehkne ke liye sab ke pass time hai aur kisi ke help karni ho to kisi ke pass time nahi hai sabki soch ye ban gai hai ke is desh ka kuch nahi ho sakta jab tak hum apne aap ko bhagat singh "लाल बहादुर शास्त्री ke thra nahi samjenge hume kud awaz utahni pedgi 16 august ko anna hazare je ke sath kadha hona hai agar sara bhart ek sath kada ho gaya to ye desh apne aap thik ho jeyga ye mat socho koi aake thik kerega hme kud thik karna hoga

Rishu ने कहा…

eak lamba arsa bit gya kisi neta k liye tali bajaye huye.....