उन दिनों पेले फुटबाल के नए-नए खिलाड़ी के रूप में उभरे थे । एक बार वह एक जगह मैच खेलने गए । मैच के दौरान उन्होंने एक बाल गोल पोस्ट पर दागी परंतु गोल नहीं हुआ तब उन्होंने शर्त ठोंक दी, ''मैंने 300 के कोण से बाल मारा और गोल हुआ कैसे नहीं ?'' जबरदस्त विश्वास था उनके कथन में और जब पोल नापा गया तो पोल सचमुच टेढ़ा था ।
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सोमवार, 2 मई 2011
रविवार, 30 मई 2010
आत्मविश्वास
नील नदी के युद्ध के दौरान ब्रिटिश सेना के सेनाध्यक्ष नेलसन थे । जंगी बेड़े के अनेक अधिकारियों की आंखों में निराशा व भय था । पर नेलसन अद्भुत आत्म विश्वास से भरे थे । सहसा बेड़े के कप्तान ने कहा, ''अगर हमारी जीत हो जाए तो दुनिया दंग रह जाएगी ।'' नेलसन ने गंभीर और दृढ़ स्वर में कहा,'' कप्तान, हम जीतेंगे और अवश्य जीतेंगे ।'' सेनापति के इन शब्दों ने मंत्र-सा प्रभाव दिखाया और वे एक नए विश्वास, नए साहस से भर गए । फलस्वरूप उन की जीत हो गई ।
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