एक बार अमरीका के राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन अपने दोस्त के साथ घोड़ा गाड़ी से कहीं जा रहे थे । रास्ते में एक मजदूर ने उन्हें थोड़ा झुक कर प्रणाम किया। उसके उत्तर में अब्राहम लिंकन ने उससे भी और ज्यादा झुक कर प्रणाम किया। यह देखकर उनके मित्र ने उनसे पूछा, ''आप ने उस छोटे से मजदूर को इतना झुक कर प्रणाम क्यों किया ?'' अब्राहम लिंकन ने जवाब दिया, ''मैं नहीं चाहता कि विनम्रता में कोई मुझ से आगे निकल जाए ।'' यह सुन कर उनके मित्र का सिर श्रद्धा से झुक गया ।
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सोमवार, 31 जनवरी 2011
शनिवार, 9 जनवरी 2010
मातृभूमि के प्रति श्रद्धा
रास बिहारी बोस का नाम कौन नहीं जानता । भारतीय स्वतन्त्रता आन्दोलन से अनन्य रूप से जुड़े रासबिहारी बोस उन दिनों जापान में निर्वासित जीवन बिता रहे थे । जापान में दक्षिण पश्चिम की ओर मुंह करके सोना अच्छा नहीं माना जाता है । किन्तु रासबिहारी बोस जितने दिन भी जापान में रहे, सदा दक्षिण पश्चिम दिशा में मुंह करके सोते रहे । जब उनके जापानी मित्रों ने उनसे इसका कारण पूछा तो उन्होंने उत्तर दिया, ''भाई, तुम्हारे देश के दक्षिण पश्चिम की दिशा में ही तो मेरी मातृभूमि भारतवर्ष है । इस दिशा में मुंह करके सोने में मुझे यों लगता है, जैसे मैं रात भर अपनी मां की गोद में सोया हूं । जागते में तो अपनी प्यारी मातृभूमि को पा नहीं सकता, किन्तु यों सोते में तो पा लेता हूं ।'' उनकी बात सुनकर सभी मित्र मातृभूमि के प्रति उनकी श्रद्धा की भूरि-भूरि प्रशंसा किए बिना न रहे सके ।
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